03 | अव्यक्त मुरली | 02 February 1969
2 February 1969 | हिंदी · “अव्यक्त मिलन के अनुभव की विधि” “अव्यक्त मिलन के अनुभव की विधि” प्रेम स्वरूप
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2 February 1969 | हिंदी · “अव्यक्त मिलन के अनुभव की विधि” “अव्यक्त मिलन के अनुभव की विधि” प्रेम स्वरूप
“समर्पण की ऊंची स्टेज – श्वांसों-श्वांस स्मृति” अव्यक्त स्थिति में स्थित होकर अव्यक्त को व्यक्त में देखो। आज एक प्रश्न
“आत्मिक पावर की परख” आज बापदादा हरेक का प्रोजेक्टर शो देख रहे हैं। आप लोग भी प्रोजेक्टर शो रखते हो?
आज मैं आप सभी बच्चों से अव्यक्त रूप में मिलने आया हूँ। जो मेरे बच्चे अव्यक्त रूप में स्थित होंगे
“सम्पूर्ण विल करने से विल-पावर की प्राप्ति” 18 जनवरी 1970 की अव्यक्त मुरली के आधार पर छोटे, सरल और मंथन
“एक ही विश्व यूनिवर्सिटी… फिर दुनिया का इतिहास और भूगोल क्या कहता है?” 25-09-2026 की मूल मुरली का headline है:
पुराने संस्कार रूपी पत्तों को समाप्त कर बीजरूप अवस्था बनाओ आज जब मैं वतन में गई तो बापदादा हम सभी
सर्विसेबल बनो: पहले स्वयं धारण करो, फिर ज्ञान की वर्षा करो मुख्य संदेश:बाबा का प्यार और याद पाने का श्रेष्ठ
अध्याय 3 “राय को रिगार्ड दो, प्रतिक्रिया नहीं—स्नेह और संगठन बनाए रखो” 18 जनवरी 1969 — तृतीय अव्यक्त दिव्य संदेश
“पुराने संस्कारों के पत्ते हटाकर बीज-रूप अवस्था में स्थित बनो” Murli Manthan अध्याय 2 18 जनवरी 1969 — द्वितीय अव्यक्त