46 | अव्यक्त मुरली | 18-01-1970

“सम्पूर्ण विल करने से विल-पावर की प्राप्ति”

18 जनवरी 1970 की अव्यक्त मुरली के आधार पर छोटे, सरल और मंथन योग्य प्रश्न–उत्तर इस प्रकार बनाए जा सकते हैं:

छोटे प्रश्न–उत्तर

  1. प्रश्न: आज बापदादा हर सितारे में क्या देख रहे हैं?
    उत्तर: सम्पूर्णता की समीपता।
  2. प्रश्न: सम्पूर्णता की परख क्या है?
    उत्तर: सभी बातों को सभी रीति और रूप से परख सकना।
  3. प्रश्न: चित्र के साथ क्या याद करना है?
    उत्तर: विचित्र और चरित्र को भी याद करना है।
  4. प्रश्न: विचित्र के साथ चित्र और चरित्र याद करने का फल क्या है?
    उत्तर: स्वयं भी चरित्रवान बनेंगे।
  5. प्रश्न: याद का मुख्य परिणाम क्या है?
    उत्तर: विकर्मों का विनाश।
  6. प्रश्न: अपने वर्ष का क्या चेक करना है?
    उत्तर: अव्यक्त पढ़ाई, स्नेह और सहयोग की रिजल्ट।
  7. प्रश्न: व्यक्त भाव से किस भाव में आगे बढ़ना है?
    उत्तर: अव्यक्त भाव में।
  8. प्रश्न: अव्यक्त स्थिति की प्रैक्टिकल परख क्या है?
    उत्तर: अलौकिक चलन।
  9. प्रश्न: निश्चय की परीक्षा के बाद कौन-सी परीक्षा होनी है?
    उत्तर: स्नेह, सहयोग और शक्ति की परीक्षा।
  10. प्रश्न: समस्याओं को किस रूप में समझना है?
    उत्तर: पेपर के रूप में।
  11. प्रश्न: किन समस्याओं का पहाड़ पार करना है?
    उत्तर: मन, तन और वायुमण्डल की समस्याओं का।
  12. प्रश्न: समस्याओं को पार करने के लिए क्या चाहिए?
    उत्तर: स्नेह और सहयोग की शक्ति।
  13. प्रश्न: अभी अपने में क्या धारण करना है?
    उत्तर: विल-पावर।
  14. प्रश्न: विल-पावर की कमी क्यों है?
    उत्तर: क्योंकि सम्पूर्ण विल नहीं की है।
  15. प्रश्न: विल-पावर प्राप्त करने का साधन क्या है?
    उत्तर: जो बुराई अन्दर या बाहर है, उसे सम्पूर्ण विल करना।
  16. प्रश्न: साकार ने विल-पावर कैसे प्राप्त की?
    उत्तर: पहला कदम ही सब कुछ विल करने का उठाया।
  17. प्रश्न: जो पहले स्वीकार करता है उसे क्या मिलता है?
    उत्तर: नम्बर वन की शक्ति।
  18. प्रश्न: कर्मबन्धन की रस्सियों का क्या करना है?
    उत्तर: उन्हें काटना है।
  19. प्रश्न: रस्सियाँ टूटी हुई न हों तो क्या होता है?
    उत्तर: मन में खिंचावट बनी रहती है।
  20. प्रश्न: बन्धन से छूटने के बाद क्या होता है?
    उत्तर: कोई रुक नहीं सकता।
  21. प्रश्न: विदेही बनने में सहयोग कैसे मिलेगा?
    उत्तर: विदेही को युगल बनाने से।
  22. प्रश्न: कमाल किसे कहा गया है?
    उत्तर: मुश्किल बात को सहज करने को।
  23. प्रश्न: मुश्किलात को मुश्किल न समझकर चलना क्या है?
    उत्तर: कमाल।
  24. प्रश्न: मुश्किल परिस्थिति में मुरझाने से क्या होगा?
    उत्तर: आगे बढ़ने की गति रुक जाएगी।
  25. प्रश्न: फास्ट जाने वाला कहाँ फँसता है?
    उत्तर: फँसने वाला फास्ट नहीं जा सकता।
  26. प्रश्न: अभी फास्ट जाने के लिए क्या करना है?
    उत्तर: एक हाई जम्प लगानी है।
  27. प्रश्न: लास्ट में फास्ट क्यों नहीं जा सकेंगे?
    उत्तर: क्योंकि अन्तिम समय में अवसर कम होगा।

⭐ एक लाइन का सार

“सम्पूर्ण विल → बन्धनों से मुक्ति → विल-पावर → अलौकिक स्थिति → फास्ट पुरुषार्थ।”

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